Tag: Indian mythology

सात सुरों से बंधा ब्रम्हांड

  सा- सारे विश्व का ब्रहमा ने किया निर्माण रे-रेशम जैसे सुर मुरलीधर कृष्ण भगवान ग-गणेश जी की आरती पूजा सजाएँ म-माँ सरस्वती बजाए वीणा के मधुर स्वर प-प्रार्थना की शक्ति असीमित ध-धरती माँ का करो सम्मान नी-नियम से करो भगवान का...

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गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व

भारत मे गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है।इस त्योहार का प्रकृति एवम मानव जीवन से सीधा संबंध है।इस पर्व से संबंधित  कथा इस इस प्रकार है। देवराज इन्द्र को अपने बल  औऱ ऐश्वर्य का बडा अभिमान हो गया था।उनके इस अभिमान को चूर करने के लिए...

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गुरू- दक्षिणा

आचार्य दोणाचार्य । ऱाजगु$ शिक्षक राजपुत्रों के । कौरव और पांङवपुत्रो के अर्जुन य़ा प्रिय शिष्य प्रियतम सब में। pर था तो अश्वत्थामा पुत्र उनका ,अंश उनका । भला बराबरी में उसकी खडा हो सके कोई। देते आज्ञा शिष्यों को जल लाने की सरिता...

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पर्व धनतेरस का

भारत मे हर पर्व किसी न किसी वैगानिक मान्यता पर आधारित होता है।हर पर्व के पीछे कोई न कोई घटना जुडी होती है जो हमें अपने गौरव पूर्ण अतीत का स्मरण कराती है। दीपावली से पूर्व धनतेरस का पर्व आता है इस दिन लोग नए पात्र खरीदते हैं।इसके...

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गणेशजी का चूहा

कैलाश की चोटी पर, शिवजी के आलय में गणेश जी रहते थे। उनकी मां पार्वती जी का भी यही निवास था। वे सब खुशी खुशी अपना जीवन व्यतीत करते थे। वहीं दूसरी तरफ, गजमुखासुर नाम का एक असुर शिवजी को प्रसन्न करने की कोशिश कर रहा था। वह कठिन...

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गुरुभक्त एकलव्य

एकलव्य की कथा का वर्णन महाभारत में मिलता है। उसके अनुसार एकलव्य निषादराज हिरण्यधनु का पुत्र था। वह गुरु द्रोणाचार्यके पास धनुर्विद्या सीखने गया था, लेकिन राजवंश का न होने के कारण द्रोणाचार्य ने उसे धनुर्विद्या सिखाने से मना कर दिय...

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