गुरू- दक्षिणा

आचार्य दोणाचार्य । ऱाजगु$ शिक्षक राजपुत्रों के । कौरव और पांङवपुत्रो के अर्जुन य़ा प्रिय शिष्य प्रियतम सब में। pर था तो अश्वत्थामा पुत्र उनका ,अंश उनका । भला बराबरी में उसकी खडा हो सके कोई। देते आज्ञा शिष्यों को जल लाने की सरिता...

Read More