अतीत भविष्य का पाठ

किसी बच्चे को कहते हैं  कि आग को मत छूना,  वह सुनता नहीं बल्कि और उत्सुक हो जाता है मना करने का  कारण जानने के लिए जिद करके जब वहआग को छूकर हाथ जला लेता है तब उसे अनुभव होता है। तब वह जीवन का अमूल्य पाठ है जो वह अपने जीवन में कभी नहीं भूलता है। अनुभव हमारे जीवन का सबसे अच्छा शिक्षक है.अनुभव कोअगर हम सही मायने में याद रखें तो आगे बढ़ने में मदद मिलती है पर यदि  हम पछताते रहें और उनको याद करके दुखी होते रहें  तो उनसे कोई फायदा नहीं होगा | हम जैसा बीज बोएँगे  वैसा ही फल मिलेगा | इसलिए मन में निराशा को स्थान नहीं देना चाहिए अपने अतीत के अनुभवों को अपनी शक्ति बनाना चाहिए। उनकी शिकायत नहीं करनी चाहिए अर्थात अतीत को हमारे भविष्य का पाठ बनाना चाहिए।

 

नेत्रा जिलानी

कक्षा चौथी ‘अ ‘

बाँद्रा पूर्व

अतीत ही भविष्य का पाठ

अतीत हमारे भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण चाभी है। अतीत की सीखी हुई बातें हम कभी भूल नहीं सकते। उस समय की शिक्षा और अनुभव हमें भविष्य में काम आती है और हमें कठिनाइयों का सामना करने में मदद करती है। अतीत हमें हमारी सभ्यता और संस्कृति की पहचान करवाता है जो हमें हमारे भविष्य की नींव रखने और उसे विकास के पथ पर ले जाने में सहायता करता है। अतीत में घटी घटनायें और हमारी कमजोरियों से प्रेरित होकर हम भविष्य में उसका समाधान ढूँढते है जो आविष्कार के रूप में हमारी मुश्किलों को आसान बनाता हैं।अतीत के दर्पण में हमें हमारे जीवन के हर पल की छवि की झलक दिखाई देती है जिसका प्रतिबिम्ब हमारे भविष्य के द्वार पर अंकित होता है और एक बेहतर जीवन की शुरूआत करने में उपयोगी होता है। इस चाभी के बिना हमारे भविष्य का पट नहीं खुल सकता और जीवन की उलझने एवं अनुभवों से मिली शिक्षा के बीज को बोकर हम एक मज़बूत पेड़ की बुनियाद रख सकते हैं।
आध्या केजरीवाल
कक्षा चौथी ‘अ’
बांद्रा पूर्व