२०२० ने मुझे सिखाया……..
“वहाँ चीन में  एक नए वायरस की सूचना मिली ।” ”एक वैश्विक महामारी ने दुनिया भर में अपना अधिकार जमा लिया है।” “ कोविड का एक नया संस्करण इंग्लैंड में पाया गया है ?”….. एक साल, पूरी दुनिया बदल गई  । पूरी दुनिया रुक गई,और हम भी डर में जीने लगे । क्या हम इस सबके लिए जिम्मेदार हैं ? २०२० ने हम सभी को एक प्रश्न चिह्न के साथ छोड़ दिया है ।    हममें से कई लोगों ने अपने निकटस्थ और प्रियजनों को खो दिया था , लेकिन अगर इस महामारी ने हमें कुछ सिखाया है तो वह अनुकूलनशील होना सिखाया है । हमने परिस्थितियों के अनुकूल होना सीखा , हम अपने घरों में लम्बे समय तक बंद रहने में सफल हुए और हमने ‘नए जीवन’ के अनुसार जीना शुरू कर दिया । हमारी अध्यापिकाओं ने ऑनलाइन पढ़ाने के नए-नए तरीके सीख कर हमें उन तरीकों के माध्यम से पढ़ाया। उन्होंने हम सब बच्चों  को हर समय व्यस्त रखा । डॉक्टर, नर्स एवं पुलिस योद्धाओं ने हम सभी को बचने के लिए अपनी जान को खतरे में डाला, वे अपने परिवारों से दूर है क्योंकि कोविड रोगियों की देखभाल करना उनकी  पहली प्राथमिकता थी  ।

अब से दस साल बाद हम सब मिलकर कह सकते है कि हमने एक वैश्विक महामारी का अनुभव किया था। अंत में मैं कहना चाहूँगी  कि हमें हर मौके का लाभ उठाना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता कि कब क्या हो जाये ।  हमारे पास जो भी है हमें उसका आभारी होना चाहिए ।
Aayana Tandon
Std 8  AVM JUHU