क्रोधित होकर महादेव ने किया धनुष-टंकार

खुल गए शिव- शंभू के त्रिनेत्र अनायास।

तीन-लोकों में मच  गया  हाहाकार।

विचलित होकर नंदी पहुंचे उमा के पास

बोले माता! क्या है इस क्रोध  का आधार?

क्या किसी के पास है क्रोध  का भी प्रतिकार?

मुस्कराकर माता बोली! चिंता क्यों करते हो

संगीत में है शक्ति अपरंपार

ओउम नाम का स्वर-संगीत, प्रिय है शिव को खास

सभी जीवों के भी है हृदय के पास।

प्रेम का संदेश सुनाता, सुर सजाता, रचाता है यह रास,

रोगों को भी दूर भगाता, ज्ञानीयों का है विश्वास।

संगीत के सात सुरो से भरा जगत का कोना- कोना,

जब तक बहती है सात सुरो की गंगा, धरा पर

क्रोध, क्षोभ, दुःख-ग्लानि काwha क्या है रोना?

Reem Badami

10 A

Arya Vidya Mandir Bandra West