संगीत है हम को बहुत प्यारा
सुनकर उसे शांत हो जाता मन हमारा ।
समस्या से जब पड़ता है पाला

संगीत ही सभी दुखों का निवारण वाला ।।

चाहे हो क़व्वाली या कोई बालीवुड गाना
सुनकर उसे ख़ूब है आनंद उठाना ।

सुनें संगीत को जब अकेले हों किसी सफ़र पर

या जब मज़ा करने आएँ मित्र घर पर ।।

कभी माहौल में है रंग जमाता
कभी किसी की याद है दिलाता ।
संगीत बसा है हमारे तन मन में
एक अनोखा नाता बन जाता है बचपन से ।।

संगीत का नहीं होता कोई जात या धर्म
सब को सुखी रखना है उसका कर्म ।
एेसे संगीत की हम करते हैं पूजा
इस दुनिया में संगीत से सुरीला न कोई दूजा ।।

सना आहलूवालूलिया
कक्षा : 4 C