६१, लैंड ब्रीज,
पाली हिल,
बाँदा (पश्चिम),
मुंबई – ४०००५०।

दिनांक – १० जनवरी, २०२०

प्रिय मित्र राम,
सप्रेम नमस्ते।

मैं आशा करता हूँ कि तुम वहाँ कुशल पूर्वक होगे, मैं भी यहां कुशल पूर्वक हूँ। मैं यह पत्र तुम्हे ”विश्व हिंदी दिवस” के विषय में बताने वाला हूँ।

तुम्हें पता है कि १० जनवरी के दिन हम विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं। मुझे आशा है कि तुम्हें हिंदी याद है नहीं तो तुम अपने पैर पर स्वयं कुल्हाड़ी मार रहे हो। तुम भारतीय होकर हिंदी नही जानते तुम्हें शर्म आणि चाहिए और तुम हमारे देश पर डेग भी लगा रहे हो। हिंदी दिवस को याद रखना चाहिए क्योंकि अगर हम हिंदी भूल जायेंगे एक दिन वह रफ्फूचक्कर हो जाने वाला है। मुझे आशा है कि तुम्हें मेरी चिंता समझ आ गयी है और तुम हिंदी भाषा को ज्यादा याद करोगे।

माता और पिता को को प्रणाम और तुम्हारे छोटे भाई को प्यार। पत्र के इंतज़ार मैं।

तुम्हारे मित्र,
आरव

आरव छबलानी