विज्ञान का हमारे दैनिक जीवन मे॑ बहुत प्रभाव है। उसने बहत से रहस्यों  को उजागर किया है तथा कई मिथ्यों  को दूर किया है। सफेद प्रकाश सात रंगो के समावेश से  बनता है, यह हमें विज्ञान से पता चला है। जब आकाश में बिजली कड़कती है, तो प्रकाश पहले दिखाई देता है और बिजली के कड़कने की आवाज़ बाद में सुनाई देती है।  प्रकाश की गति, आवाज़ की गति से अधिक होती  है इस तथ्य को विज्ञान ने हमें  बताया है।। हमारे सौर मंडल में पृथ्वी सूर्य का चक्कर गोलाकार पथ में  नहीं अपितु दीर्घ  वृत्ताकार पथ में  काटती है। पृथ्वी के सूर्य के चक्कर काटने से ही हमारे पृथ्वी लोक में मौसम बदलता है और पृथ्वी के अपने अक्ष के चारों  तरफ घूमने से दिन और रात होती है। यह ज्ञान हमें विज्ञान से ही मिला है।

रात में चन्द्रमा सुन्दर प्रकाशमय दिखाई देता है, यह उसकी अपनी रोशनी नहीं  होती है, अपितु उसके ऊपर सूर्य की किरण पड़ने से वह प्रकाशमय हो जाता है। एक छोटे से बीज में से इतने बड़े- बड़े वृक्ष कैसे हो जाते हैं , वह इसलिये क्योकिं  बीज में  बड़ा वृक्ष बनने का गुणसूत्र होता है। विज्ञान से ही नए-नए अविष्कार हुए हैं  जैसे  टेलिविज़न, ¸फ्रिज, ¸हवाईजहाज इत्यादि। विज्ञान से हम अंतरिक्ष भी पहुँच गए हैं। विज्ञान से भविष्य में अंतरिक्ष के बहुत से राज़ खुलेंगे जैसे कि ब्लैक होल का रहस्य इत्यादि। आज हम एक शहर से दूसरे शहर तथा दूसरे देश में  भी अपने जानने वालों से फोन से बात ही नहीं अपितु बात करते हुए उन्हें  देख भी सकते हैं । यह सब विज्ञान का ही चमत्कार है।

विज्ञान के कारण ही हमने तपैदिक जैसी अन्य कई बीमारियाँ  जो कि एक समय जानलेवा थी, उन पर विजय पा ली है। आज विज्ञान की प्रगति से हमारा दैनिक जीवन काफी सुलभ हो गया है। विज्ञान के ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं तथा विज्ञान का प्रसार निरन्तर बढ़ता जा रहा है। सच में  विज्ञान आश्चर्यो से भरा हुआ है तथा उसने वास्तव में  हमारा परिचय यर्थाथ से करवाया है।

सोनाक्षी जोशी

कक्षा पाँचवी ‘अ ‘

बाँद्रा पूर्व