मैने हँसना सीखा है
मै नही जानता रोना ;
बरसा करता पल-पल पर
मेरे जीवन मे सोना ।
मै अब तक जान न पाया
कैसी होती है पीडा ;
हँस-हँस जीवन मे कैसे करती है चिन्ता क्रीडा ।
उत्साह ,उमंग , निरंतर
रहते मेरे जीवन मे
उल्लास विजय का हँसता
मेरे मतवाले मन मे ।
सुख-भरे सुनहले बादल
रहते है मुझको घेरे ;
विश्वास , प्रेम, साहस है
जीवन के साथी मेरे ।

-Advait kulkarni 6B