मेरे परिवार में छह लोग हैं । जब सब एक साथ रहते हैं तभी मज़ा आता हैं। मेरा भाई कॉलेज में पढ़ता हैं। वह हर शनिवार दो दिनों के लिए घर आता हैं। उस दौरान हम सब परिवार के सदस्य वह समय एक साथ बिताते हैं। इससे मेरे घर में खुशियाँ फैल जाती हैं।

विद्यालय, घर और अनेक जगह ख़ुशी का माहौल फैल जाता हैं जब सब  एक साथ समय बिताते हैं। जब हम मित्रों के साथ होते हैं तब हम साथ में गम और खुशियां बाँटते  हैं, तभी जो सुख  मिलता हैं वही असली सुख होता हैं। मेरे घर के सामने एक मैदान हैं जहा पर हर जगह से लोग आते हैं जिनमे कुछ हिन्दू होते हैं और कुछ मुसलमान जो हमें कभी एक साथ खेलने से रोकते नहीं हैं। हम सब एक दूसरे को सम्मान देते हैं और सभी की बातों को महत्व देते हैं।  सभी लोग एक साथ जीतते और हारते हैं। हम सब एक दिन बिछड़ जायेगे और अपनी-अपनी ज़िन्दगी व्यस्त हो जायेगे और तभी हमें हमारा बचपन याद आयेगा। में बस इतना कहना चाहता हूँ की हम जब तक एक साथ हैं, मिल-बाँटकर रहेंगे तभी हम असीम सुख और शांति प्राप्त कर सकते हैं।

                                  – अमेया  भट्टाचारजी 8B AVM JUHU