जल ही जीवन है। यह पंक्ति कोई अतिशयोक्ति नहीं है। जल के बिना जीवन संभव ही नहीं है। हमारे जीवन के सभी कार्यों के लिए जल बहुत ही महत्वपूर्ण है। कई कार्य जल के बिना हो ही नहीं सकते। यह जानते हुए भी व्यक्ति इसे बर्बाद करने में कसर नहीं रख रहा है। पूरे विश्व में जल का स्तर धीरे-धीरे घटता जा रहा है और नदियाँ सूखती जा रही हैं। इसके कई दुष्परिणाम मनुष्य भुगत रहा है। यही सब देखते हुए प्रकृति की इस धरोहर का बचाने के लिए, धरती पर जीवन कायम रखने के लिए कई देश जल संरक्षण पर काम भी कर रहे हैं।

जीवन जीने के लिए जल और वह भी स्वच्छ जल बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए हमें जल का दुरुपयोग नहीं करना चाहिये। कहावत है कि ”बूँद-बूँद से घड़ा भरता है“। अकेली बूँद भले ही हमें कुछ काम की न लगे पर जब बहुत सी बूँदे इकट्ठी होती हैं तो उसका प्रयोग आसानी से होता है। अतः हमें एक-एक पानी की बूँद को बचाना चाहिये। जितनी आवश्यकता हो उतना ही पानी लेना चाहिये और पेड़-पौधों को लगाना चाहिये। यदि बच्चों में बचपन से ही ऐसी आदत डाली जाये तो वे भी आगे जाकर इसे आने वाली पीढ़ी को समझायेंगे और जल संरक्षण कर धरती को खुशहाल ग्रह बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग देंगे।

हेली शाह

कक्षा – सातवीं AVM JUHU