हर मनुष्य की ज़िंदगी हरपल बदलती रहती है । जैसे ऋतुऔ मे परिवर्तन होती है

वैसे ही बच्चे बड़े होते है । मनुष्य के आंतरिक और व्यक्तित्व में भी पल पल

परिवर्तन होते है । मनुष्य अपने पुराने वस्त्र त्याग कर नए वस्त्र धरण करता है

क्यो कि वह नए वस्त्रो कि इच्छा रखता है और यह परिवर्तन आवश्यक है । वैसे ही

विज्ञान के क्षेत्र मे नई नई तकनीकी से वैज्ञानिको को काफी उपलब्धियाँ प्राप्त

कर ली है और मनुष्य जीवन को सरल बना दिया है चाहे वह मोबाइल फोन हो ,

संगणक , टेलिविजन इत्यादि । नई तकनीकी ने मनुष्य जीवन में बहुत बड़ा

परिवर्तन लाया है जिसे मनुष्य जीवन का हर कार्य सरल हो गया है । परिस्थितियों

के अनुसार अपने में परिवर्तन लाने वाला ही मानव सफल रहता है ।

परिवर्तन के आने से ही जीवन आगे बढ़ता है चाहे वह परिवर्तन शुभ हो या अशुभ

हो । परिवर्तन ही जीवन में सफलता और उल्लास लता है । लेकिन परिवर्तन ऐसा

हो जो किसी को भी हानिकारक न हो । जाना और आना यह संसार का नियम है ।

बेहतर समाज , शिक्षा , साकार , तंत्र , व्यवस्था ,वैज्ञानिक तंत्र , स्वास्थ्य सुविधाओ

के लिए हमे कई स्तरो पर परिवर्तन लाना अनिवार्य है । नहीं तो मनुष्य जीवन

वही पर ही रुक जाएगा । परिवर्तन के आने से ही जीवन आगे बढ़ता है । यह

संसार न तो मारता है न ही जीवन खत्म होता है यह परिवर्तन के साथ हमेशा

चलता रहता है ।

कृत्वी रावत

पाँचवी ‘अ ‘

आर्य विद्या मंदिर , बांद्रा (पूर्व)