लोग कहते हैं – जो बीत गई वो बात गई।  इसका अर्थ है कि जो हो चुका उस पर अफ़सोस कर के समय नहीं व्यर्थ करना चाहिए , किन्तु ऐसा नहीं है कि हमें किसी बुरे अनुभव को पूरी तरह से भूल जाना चाहिए।  अतीत की घटनाओं  और गलतियों से हमें सीखना चाहिए , अतीत ही हमारे वर्तमान की सीख है।

अतीत  की घटनाएँ  चाहे वे अच्छी हों या बुरी , सबमें एक सीख होती हैं।  अपने वर्तमान में हम क्या निर्णय लें , यह हम अतीत को देखकर समझ सकते   हैं।

इतिहास इसलिए बहुत ही जरूरी विषय होता है ।  एक मुहावरा भी है इतिहास खुद को दोहराता है।  इसका अर्थ है कि  जो पहले हो चुका है , वह फिर से होगा।

जब द्वितीय दुनिया युद्ध  (वर्ल्ड वॉर टू ) हुआ था और अमेरिका ने जापान पर परमणु हमला किया – यह दुनिया भर के लिए सीख बना। अतीत की वह घटना लोग हमेशा याद कर के , उसे वर्तमान के निर्णय के लिए उपयोग करते है। उसी तरह अतीत के निर्णय हमें वर्तमान के लिए सीख देते हैं।

उसी तरह अतीत के निर्णय हमें वर्तमान की समस्याओं को हम करने में मदद करते हैं किन्तु हमें यहाँ ध्यान में रखना चाहिए कि  हम आँखें बंद कर अतीत का उदाहरण नहीं दे सकते।  बदलते वक्त के साथ , हर निर्णय का असर भी बदलता हैं।  अतीत से सीखना चाहिए और  आँखें बंद करके उसका पालन नहीं करना चाहिए।

– ऋषित सराफ़

छठी ‘स’

आर्य विद्या मंदिर ( जुहू )