कुछ दिन पहले मैं अपने मित्रों के साथ अंतरिक्ष की यात्रा करने अपोलो 370, इस अंतरिक्ष जहाज़ में गया था। मैं और मेरे मित्र अंतरिक्ष की पहली यात्रा करने बहुत उत्सुक और बेताब थे। अंतरिक्ष की यात्रा करते समय हमने जिस ग्रह की खोज की, अन्य प्राणियों से मिले और जो कुछ भी यात्रा के दौरान सीखा, वो मैं कभी नहीं भूल सकता। उस दिन घटी हुई घटना आज भी मुझे अच्छी तरह से याद है।

मैं और मेरे मित्र, पृथ्वी की सीमा से बहार आए। हमारा जहाज जैसे पृथ्वी से दूर जा रहा था, वैसे पृथ्वी छोटी होते हुए दिख रही थी। हर तरफ तारे दिख रहे थे और चारों ओर अंधेरा ही छा गया था। ऐसा लग रहा था कि हम अपना रास्ता भटक गए हो। तभी मुझे एक अजीब दिखने वाला ग्रह दिखा। वह ग्रह बहुत बड़ा था और अलग-अलग रंगों से भरा था, जैसे की, नारंगी, नीला, लाल, पीला, काला और सफ़ेद। हमने सोचा की इस ग्रह को कोई मनुष्य नहीं जनता, तो जाकर खोज किया जाए।

हमारी जहाज जैसे ज़मीन के करीब पहुँच रही थी, मैंने देखा कि उस ग्रह के अनजान प्राणी हमारी जहाज़ को घूर-घूर के देख रहे थे। वह प्राणी बहुत अलग थे। उनके पास तीन आँखे, दो कान और नाक था। जब मैं जहाज़ से बहार निकला तो एक प्राणी अपने हाथ जोड़कर हिंदी में बोला, “नमस्ते”। मैं और मेरे मित्र, हम चकित हुए। एक अनजान ग्रह पर रहने वाले अजीब प्राणी पृथ्वी की भाषा में बोल रहे थे, यह कल्पना से हमें आश्चर्य हुआ।

उस प्राणी का नाम निकेतन था। वह हमें देखकर बिल्कुल चकित न हुआ, बल्कि अपने ग्रह की सैर कराने हमें ले गया। उनके ग्रह का नाम ‘शीतल’ ग्रह था। उनका ग्रह इतना सुन्दर और हरियाली से भरा था। उनका समुद्र पीले रंग का था और ज़मीन काले और सफ़ेद रंग की थी। वहाँ सब लोग साइकल जैसे दिखने वाली मोटर पर सवार करते थे। इन मोटरों की एक ख़ास बात थी कि वे हवे को प्रदूषित नहीं करती थी।

शीतल ग्रह की सैर करते हमें एक साल लगा। इस समय हम खूब घूमे, स्वादिष्ट और अलग पकवान खाए और उनके ग्रह के प्राणियों से मित्रता की।

हमारे जाने का जब समय आया तब उन्होंने हमारी तैयारी में खूब मदद की। उनके मदद के कारण हमारी जहाज़ तैयार की गई और हमने ख़ुशी-ख़ुशी उस ग्रह की यादे अपने साथ लेके उन प्राणियों को विदा किया।

वह यादे ताज़ी होने पर मुझे उस ग्रह पर वापस जाने की बहुत इच्छा होने लगी है। अगली बार जाते वक्त मैं मेरे परिवार को ज़रूर लेकर जाऊँगा।

Shaashwat Kaoley
9A
VCW Arya Vidya Mandir Bandra (E)