Vacation Destination: London

London is one of my favourite vacation spots. I go to London almost every year because my grandfather lives there. I always have fun as we do something new every year. This year we did a lot of shopping, met my grandfather and even did a little sightseeing.

This year my hotel was right next to the Wembley stadium. For the first few days we spent time with my grandfather, and then came my favourite part: the shopping! We went to the London designer outlet and shopped for shoes and clothes.  One time we even went swimming in the indoor pool because of the weather outside.

After two weeks at the hotel we went to stay at my aunt’s house. I really enjoy visiting her because she is also fond of drawing, just like me, and she always teaches me something new..

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We went to meet my cousins, and I enjoyed their company a lot. Together all of us went to a dessert parlour and stuffed ourselves. I had a blue bubblegum ice-cream that was massive, and at the end of it my tongue was blue! Later, we visited some more shops and ended up buying loads of shoes, clothes, accessories and even gifts for my friends. oxford street

We had decided to take a double decker bus to Oxford Street, and the view from the top was so amazing. We even saw a musical called ‘Mamma Mia”. The songs were taken from an album of the famous band “ABBA”. It was a wonderful experience.

We came back from this wonderful trip on the 7th of June and I was sad that my vacation officially ended, but I got to see my friends after a long time and felt very happy to see them

 

Dheeya Shah

VII B

AVM Bandra West

मेरी यात्रा का वर्णन

मेरे विद्यालय मे हर वर्ष बैसाख के महीने में ग्रीष्मवकाश होता है और इस वर्ष भी था,बहुत  साल तक मेरा परिवार और मैंने कई ऐशियन देश घूमें  है और  एशिया के कई देशों की यादें भी हमारे पास हैl इसलिए इस वर्ष हम पूरबी  यूरोप मै ;हंगरी, ऑस्ट्रिया और चेक रिपब्लिक के पर्यटन पर निकलेl यूरोप हम पहले भी जा चुके हैं और वहां के रहन-सहन का हमें स्मरण है क्योंकि एशिया के देशों का रहने का ढंग यूरोप के देशों से बहुत अलग है, इसलिए हम पूरी तैयारी के साथ गएl हमारी हवाई यात्रा थी वह भी मुंबई से नहीं, दिल्ली से पर दिल्ली जाने से पहले हम अपने गृहनिवास लखनऊ गए मेरी दादी जी और बुआ से मिलने फिर हम दिल्ली मेरे चाचा जी के घर पहुंचे थोड़ा विश्राम करने के लिए क्योंकि हमारी हवाई यात्रा रात के तीन बजे थीl हम  ढाई बजे दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेl हमें तुर्की कि राजधानी इस्तांबुल से होकर जाना था, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंचने के लिए और हम बारह घंटे के अंतराल में  बुडापेस्ट पहुंचे और विश्राम कर बुडापेस्ट की सैर करने निकलेl हंगरी के बाद हम ऑस्ट्रिया  गए, वह भी ट्रेन से, जिस मे हमें यूरोप की खूबसूरती को पास से देखने का मौका मिला l अंत मै हम चेक रिपब्लिक पहुंचे और वहां भी ट्रैन से ,सच में  वहां का नज़ारा काबिलेतारीफ था. चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग में हमे बहुत आनंद आया वहां हमने  प्राग कैसल देखा जो बहुत मशहूर था और वहां के सबसे पुराना पुल चार्ल्स ब्रिज को भी देखाl हम वापस आये इंस्तांबुल से होकर ही क्योंकि हमारा विमान वहीँ  से बदलने वाला था l मेरी यह यात्रा सुखद थी  क्योंकि मुझे अलग-अलग देशों के बारे में जाने का अवसर मिला और वहां पे रह कर उन्हें समझने का भी l

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विरल वत्सल

९-स

आर्य विद्या मंदिर बांद्रा(पश्चिम)