A Beautiful Train Journey

टूट, टूट, मुझे स्पष्ट रुप से याद है कि मैं अपनी रैल यात्रा के लिए स्विट्जरलैंड के सैंत मरित्ज़ में बहुत खुश थी. एक चमचमाति लाल ट्रेन प्लत्फोर्म पे आई और हम उसमें चढ़ गए और यह उमीद रख रहे थे कि स्विट्जरलैंड देखने का यहि एक अच्छा मौका था. हम इस ट्रेन यात्रा में स्विस्स अल्प्स से गुज़र्ने वाले थे.

ट्रेन में एक विशाल खिड़की वाली सीट पर बैठकर बहुत मज़ा आ रहा था. सीट के साथ एअर फोनस थे,युरोपे के नवीन कलाकारों के नए गानों को सुन भी सकते थे. यह आठ घंटों कि यात्रा होने वाली थी. स्विस्स अल्प्स कि पहली झलक के लिए हाथ में तैयार कैमरे के साथ,मैं खिड़की पर रुकि रही. जैसे ही रैल चली तो खूबसूरत दृश्यों ने हमारा स्वागत किया. नदि के नीले पानी पर सूरज कि खूबसूरत रोशनी गिर रही थी और उसे और भी सुंदर बना रही थी. हमने हरित जंगलों और रसिली घास के मैदानों को पार किया. लाल और नीले रंग के पोप्पीस और सूरजमुखी हर जगह खिल रहे थे. पहाड़ धीरे धीरे हमारे सामने बड़े होने लग गये और हरित मैदान पीछे रह गए. उज्ज्वल भूरे रंग के, बर्फ से लदे सुंदर अल्प्स हमारे समने आ गए. चट्टानों के बीच में से पानी और झरने एक मधुर आवाज़ बनाते हुए बह रहे थे. इसके अलावा एक भी आवाज़ नहीं सुनाई दे रही थी. हर कोई इस नज़ारे की सुंदरता पर अवाक रह गया. जैसे जैसे हम आगे बढ़ते रहे, हरे रंग के लॉन्स पर हिमपात नजर आ रहा था और उनमें बर्फ कि झलक दिख रही थी. सारी खिड़कियाँ या भी धुनधली हो गई थीं.

फिर स्पीकर से एक घोषणा आई कि एक सूरंग के माध्यम से हम एक घाटी में प्रवेश करने वाले थे. सारे लोगों ने अपने कमरों को तैयार कर लिया. अच्छा किया!
क्या सुंदर नज़ारा था. घाटी में भूरे, काले, लाल और अनेक रंगो के पत्थर थे. हमारे चारों ओर पानी था, शायद एक झील या फिर एक नदी का. पानी एकदम पारदर्शी था, हमे उसके नीचे छोटे छोटे पत्थर दिखाई दे रहे थे. दूर से, अपनी साफ हवा और मधुर सुगंध के साथ यह स्वर्ग के प्रवेश द्वार से कम नहीं था.
आह! क्या नज़ारा था!

एक घंटे के बाद हम बिस्टरो में गए, जहाँ हमने ‘ हॉट चॉकलेट ‘ पिया (स्विस हॉट चॉकलेट सर्वश्रेष्ठ होता है.) बिस्टरो मैं हम बैठे नहीं बल्कि खड़े खड़े नज़ारे का मज़ा ले रहे थे.

हमने आश्चर्य के साथ यात्रा के अंतिम चरम को पार किया. रेल ने घने पेड़ों और कई धनुषाकार पुलों को पार किया. यह राजसी था ! यात्रा समाप्त करने का यह सही तरीका था.

यह निश्चित रूप से एक ऐसा यादगार दिन रहेगा जिसने मुझे प्रकृति के अनमोल उपहारों के बारे में इतना सिखाया!

-Ashna Gupta
7B
VCW Arya Vidya Mandir, Bandra (East)