मिल-बांटकर रहने में सच्चे सुख की अनुभूति

लेन-देन का कार्य

होता नहीं मुश्किल ,

दूसरों की मदद करने से ,

होता है सुख का एहसास।

छोटी से छोटी मदद

ले आती है चेहरो पर मुस्कान

है क्या ज़रूरत हीरे-मोती की,

जब होती आपकी ज़िन्दगी में मुस्कराहट

चाहे अपनी माँ को खाना बनाने में मदद करो,

या अंधे को सड़क पार करवाओ,

उस ख़ुशी का भाव तुम क्या जानो,

अगर मिल-बाँटकर तुम ना राहों।

मदद करने की होती ना कोई उम्र

बस दिल जिसका का बड़ा हो,

वह मुश्किलों में,

करदे तुम्हारी मदद।

मदद करने की होती ना कोई उम्र

बस दिल जिसका का बड़ा हो,

वह मुश्किलों में,

करदे तुम्हारी मदद।खुश रहना होता है आवश्यक

कार्डो तुम छोटी से छोटी मदद,

चाहे वह है कोई नन्हे-मुन्हे बच्चों की या बड़े-बूढ़े बुज़ुर्गों की

आखिर में सबकी खुशी ही है सबसे अनमोल।

करो मदद निस्वा:र्थ भाव से ,

तभी होती है सुख की प्राप्ति ,

करो दूसरों की मदद तो वे भी करेंगे तुम्हारी ,

जब तुम हो मुश्किलों के शिकार ।

समिक्षा  डागा  (Class 9A) AVM JUHU