खुशियाँ बनी बनाई नहीं मिलती

ख़ुशी एक ऐसी चीज़ होती हैं जो बनी बनाई नहीं मिलती हैं। इसे प्राप्त करने के लिए मेहनत और बलिदान की ज़रुरत होती हैं। ख़ुशी बाज़ार में जाकर नहीं खरीद सकते । जीवन तभी अच्छा  लगता हैं जब वह प्रसन्नता से भरी हो, इसीलिए बुरे कामों से ख़ुशी पाने के बजाए, ख़ुशी बाटकर देखो।

आज के ज़माने में करोडो लोग ऊँचे स्तम्भ पर हैं और उनके पास जितना धन हैं, उतना लोगों ने देखा भी नही होगा। मेस्सी एक फूट्बॉल का खिलाडी हैं, गरीबी से बढ़कर अब वह सबसे अच्छा खिलाडी हैं। वह फिर भी कई बार हर जाता हैं, परन्तु यह उसे रोक नही सकता वह खुश रहता हैं और दूसरों को भी प्रोत्साहित करता हैं। जो ख़ुशी खिलोने या पैसों से मिलती हैं, उससे ज़्यादा ख़ुशी बाँटने और दुसरो की मदद करने से मिलती हैं। असली ख़ुशी आत्मिक प्रसन्नता होती हैं।परिवार और मित्र ख़ुशी के सबसे बड़े माध्यम होते हैं।परब्या व्यक्ति कभी ख़ुशी नहीं नहीं रह सकता इसलिए हमे परायों की ओर उँगली करने के बजाए अपना बनाना चाहिए । कारण कि अपनापन से बढ़कर कोई खुशी नहीं होती हैं ।