अनुभव जीवन का सबसे अच्छा शिक्षक है

सीखा न जो अनुभव से,सीखा वह कुछ नहीं

अनुभव ही सर्वोच्च शिक्षक ,कहा है यह सही।I १।I

स्वर्ण के जीवन-मुकुट पर,आभामंडित ज्ञान-शिरोमणि,

चमक उसकी अनुभव से ही ,निष्प्रभ

उसके रिक्त , उसकी कणी-कणी।

जीवन की लता के सुमधुर सुमन ,

सुगंध उसका करता, अनुभव से ही आगमन।

उचित दिशा, उचित विचार,

उचित ज्ञान, उचित आचार,

इन्हीं का करता अनुभव, धारक के मस्तिष्क में प्रचार।I २।I

क्या सत्य, क्या मिथ्या,

क्या दुखदायक, क्या सुखदायक,

क्या सञ्जान , क्या दुर्ज्ञान,

अनुभव करता है, मार्गदर्शन प्रदान।

धर्मरक्षण, दुष्टभक्षण ,

अनुभव ही प्रदान करता, प्रशिक्षण यह विलक्षण।I ३।I

जीवा-रक्षा का मूलमंत्र, सफलता का सडयंत्र,

कपटियों का पड़यंत्र, जन-कल्याण का निक्षिप्त राजतंत्र,

अनुभव से ही ज्ञात होते है, अनदेखे पहलू जीवन में,

दृष्टिकोण बदलता, दृष्टिषेप बढ़ता हमारे जीवन में,

अनुभवी व्यक्ति के होते हैं उच्च विचार और निर्देश उत्कृष्ट,

निवार्ता है अनुभव हमें, करने से व्यर्थ अतिकष्ट।I ४।I

अनुभव से होता, सभ्यता का विकास,

सर्वजन की प्रगति का, उभरता दिव्य प्रकाश,

सिखलाता अनुभव अनेक मूल्य, तोड़े रूढ़ियों, दूरस्था का बंधन,

अनुभव ही सर्वोच्च गुरु, मनुष्य करे सर्वदा उसके चरण-वंदन।I५।I 

चैतन्य अमित खेडेकर    

१० बी  

AVM JUHU